झारखंड राज्य ने इस अधिनियम को अपनाया है और झारखंड पब्लिक डिमांड रिकवरी नियमावली (2004) बनाई है। वहाँ के राजस्व कर्मचारी इसी अधिनियम का उपयोग करते हैं।
इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है:
प्रमाण पत्र अधिकारी किसान/कर्जदार को का नोटिस देगा कि वह 15 दिनों के भीतर राशि जमा करें या आपत्ति (Objection) दर्ज कराएँ।